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गुरुवार, 25 मार्च 2010

पाखी को जन्म-दिवस की बधाइयाँ !!

ये देखिये हमारी बिटिया अक्षिता (पाखी) को। पूरे अंडमान (Andaman & Nicobar Islands) के रंग में रंग गई हैं। हर रोज समुद्र का किनारा, पार्क, म्यूजियम, चिड़िया टापू, यहाँ का खूबसूरत परिवेश और जमकर मस्ती। इन्हें बस मौका मिलना चाहिए बीच पर जाने का, फिर क्या। इतना दौड़ेन्गी कि हम इनके पीछे ही दौड़ते रह जाएं. यही बच्चों का बाल-सुलभ संसार है. वे किसी सीमा को नहीं जानते और न ही कोई डर. बस अपनी अलबेली दुनिया में मस्त. हमारी जीवन-संगिनी आकांक्षा जी की एक बाल-कविता "लौट आओ बचपन" की पंक्तियाँ गौरतलब हैं-

बचपन मेरा कितना प्यारा
मम्मी-पापा का राजदुलारा
माँ की ममता, पापा का प्यार
याद आता है लाड़-दुलार।

बचपन मेरा लौट जो आए
जीवन में खुशहाली लाए
पढ़ाई से मिलेगी छुट्टी
बात नहीं कोई होगी झूठी।

अब बचपन मेरे लौट भी आओ
हंसो, खेलो और मौज मनाओ !!
जब भी पाखी को देखता हूँ तो अपना बचपन याद आने लगता है. वाकई बचपन के दिनों के क्या कहने. आज पाखी का जन्म-दिवस है, पूरे चार साल की हो गईं. इनका पिछला जन्म-दिवस कभी नहीं भूलूँगा, जब जबरदस्त बीमारी के बाद उसी दिन हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हुआ था. मानो खुशियाँ दुगुनी हो गई थीं. पाखी और उनकी मम्मी आकांक्षा बहुत खुश थीं उस दिन. खैर ये सब समय का चक्र है, जो अपनी चाल चलता रहता है. मुझे याद है जब पाखी का जन्म हुआ था तो मुझे सीनियर टाइम स्केल वेतनमान में प्रोन्नति मिली थी और इस बार पाखी के जन्म-दिन से लगभग कुछ ही दिनों पहले निदेशक के रूप में प्रोन्नति. लोग कहते हैं कन्या लक्ष्मी-स्वरूपा होती हैं, मेरे मामले में यह अक्षरक्ष: सही है।


आज 25 मार्च को पाखी का जन्म-दिवस है। इस दिन का हम बेसब्री से इंतजार करते हैं, और वो खुशनसीब दिन आज है. पाखी को जन्म-दिवस की ढेर सारी बधाई, आशीष और प्यार. वह यूँ ही हँसती-खिलखिलाती रहे और हमारे दामन में खुशियाँ भरती रहे !!
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