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शुक्रवार, 18 फ़रवरी 2011

गुलाब


गुलाब की प्यारी खुशबू
ने ऐसा रंग जमाया
फूलों में बन सर्वोत्तम
फूलांे का राजा कहलाया।

सफेद,गुलाबी,पीले,लाल
हर रंग में ये आए
एक बार जो देखे इनको
मन ही मन हर्षाये।

कांँटों में गुलाब पलता है
कष्टों में गुलाब चलता है
बच्चों अपनाओं इस गुण को
जीवन इसी तरह चलता है।

34 टिप्‍पणियां:

कविता रावत ने कहा…

कांँटों में गुलाब पलता है
कष्टों में गुलाब चलता है
बच्चों अपनाओं इस गुण को
जीवन इसी तरह चलता है।
..बहुत बढ़िया सीख देती रचना ....

डॉ टी एस दराल ने कहा…

सकारत्मक सोच लिए सुन्दर रचना ।
लेकिन --
वक्त की ये कैसी हवा चली
खो गई खुशबू गुलाबों की ।

इस पर भी सोचना होगा ।

Er. सत्यम शिवम ने कहा…

आपकी उम्दा प्रस्तुति कल शनिवार (19.02.2011) को "चर्चा मंच" पर प्रस्तुत की गयी है।आप आये और आकर अपने विचारों से हमे अवगत कराये......"ॐ साई राम" at http://charchamanch.uchcharan.com/
चर्चाकार:Er. सत्यम शिवम (शनिवासरीय चर्चा)

Sunil Kumar ने कहा…

शिक्षाप्रद सुन्दर बाल कविता .आभार

Roshi ने कहा…

sunder seekh deti rachna

Roshi ने कहा…

sunder seekh deti rachna

राज भाटिय़ा ने कहा…

अति सुंदर विचार

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

अच्छी सीख देती सुन्दर रचना

रश्मि प्रभा... ने कहा…

गुलाब बनो... काँटों के मध्य अपने सौन्दर्य अपनी गरिमा को बनाये रखो

Udan Tashtari ने कहा…

सुन्दर गीत!!

Mithilesh dubey ने कहा…

सुन्दर गीत!!

afsarpathan ने कहा…

dil ko choo liya aapki rachn ne.
shukriya.
yun hi rachnasheelta kayam rahe.

रजनीश तिवारी ने कहा…

आपने बच्चों से कहा है पर जो अब बच्चे नहीं रहे उनके लिए भी ये उतनी ही सार्थक कविता है । हों किसी भी रंग में पर रहें गुलाब । धन्यवाद एवं शुभकामनाएँ !

anupama's sukrity ! ने कहा…

कांँटों में गुलाब पलता है
कष्टों में गुलाब चलता है
बच्चों अपनाओं इस गुण को
जीवन इसी तरह चलता है।


बहुत सुंदर लिखा है -
बधाई

अजय कुमार ने कहा…

प्रेरक और सार्थक संदेश

Shah Nawaz ने कहा…

खूबसूरत!!!

Vijai Mathur ने कहा…

प्रेम तथा गुलाब दोनों रचनाएँ उत्तम हैं.

वन्दना ने कहा…

सुन्दर सीख देती सुन्दर रचना।

Amit Kumar ने कहा…

..बहुत बढ़िया सीख देती रचना ....

Amit Kumar ने कहा…

..बहुत बढ़िया सीख देती रचना ....

Bhanwar Singh ने कहा…

बहुत सुन्दर शब्दों में सहेजा गुलाबी भावों को...बधाई.

Bhanwar Singh ने कहा…

साहित्य का प्रकाश यूँ ही चारों तरफ फैलाते रहें
कृष्ण बनकर जग का अँधियारा भगाते रहें.

भारतीय दलित साहित्य अकादमी द्वारा ‘’डा. अम्बेडकर फेलोशिप राष्ट्रीय सम्मान-2010‘‘ से सम्मानित होने पर श्री कृष्ण कुमार यादव जी को हार्दिक शुभकामनायें और बधाइयाँ.

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

गुलाब के बहाने बहुत गहरी बातें कह दी आपने, बधाई।

---------
ब्‍लॉगवाणी: ब्‍लॉग समीक्षा का एक विनम्र प्रयास।

Patali-The-Village ने कहा…

बहुत बढ़िया सीख देती रचना| धन्यवाद्|

Dr (Miss) Sharad Singh ने कहा…

कांँटों में गुलाब पलता है
कष्टों में गुलाब चलता है
बच्चों अपनाओं इस गुण को
जीवन इसी तरह चलता है। ....

सुन्दर संदेश देती कविता के लिए बधाई।

KK Yadava ने कहा…

आप सभी को यह बाल-कविता पसंद आई..आप सभी का आभार. यूँ ही अपना स्नेह बनाये रखें.

KK Yadava ने कहा…

@ Er. Satyam Ji,

इस खूबसूरत चर्चा के लिए बहुत-बहुत आभार.

KK Yadava ने कहा…

@ Rajnish Ji,

सही कहा आपने..बड़े-बच्चे दोनों के लिए है यह.

KK Yadava ने कहा…

@ Bhanvar,

आपकी शुभकामनाओं के लिए बहुत-बहुत आभार.

Ram Shiv Murti Yadav ने कहा…

गुलाब की बात ही निराली है...सुन्दर कविता लिखी.

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

गुलाब व काँटे, गहरा साथ है।

शब्द-साहित्य ने कहा…

यह गुलाब तो वाकई सुन्दर है, खूबसूरत कविता..सुन्दर सन्देश..के.के. जी को बधाई.

शब्द-साहित्य ने कहा…

यह गुलाब तो वाकई सुन्दर है, खूबसूरत कविता..सुन्दर सन्देश..के.के. जी को बधाई.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

शायद आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज बुधवार के चर्चा मंच पर भी हो!
सूचनार्थ