समर्थक / Followers

गुरुवार, 3 दिसंबर 2020

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने ‘सोच विचार’ पत्रिका के ठाकुर प्रसाद सिंह विशेषांक का किया लोकार्पण

बनारस की धरती को यह सौभाग्य प्राप्त है कि यहाँ के साहित्यकारों, पत्रकारों और बुद्धिजीवियों ने अपने कृतित्व से देश-विदेश में रोशनी बिखेरी। कबीर, रविदास, तुलसीदास से लेकर मुंशी प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद, आचार्य रामचंद्र शुक्ल, ठाकुर प्रसाद सिंह से लेकर वर्तमान में भी यहाँ कई नाम अग्रणी हैं। एक अध्यापक के साथ-साथ पत्रकार, साहित्यकार व प्रशासनिक अधिकारी रहे ठाकुर प्रसाद सिंह का बहुआयामी व्यक्तित्व भी इसी परंपरा को समृद्ध करता है। उक्त विचार ठाकुर प्रसाद सिंह की 96वीं जयन्ती पर 'साहित्यिक संघ' और 'ठाकुर प्रसाद सिंह स्मृति साहित्य संस्थान' द्वारा 2 दिसंबर, 2020 को आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्ट मास्टर जनरल एवं चर्चित साहित्यकार व ब्लॉगर श्री कृष्ण कुमार यादव ने व्यक्त किये। श्री यादव ने वाराणसी से प्रकाशित हिंदी साहित्यिक पत्रिका 'सोच विचार' के ठाकुर प्रसाद सिंह विशेषांक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर वाराणसी के नाटी इमली चौराहे पर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीपदान करके श्रद्धाजंलि भी व्यक्त की गई।

आयोजन के मुख्य अतिथि वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्ट मास्टर जनरल एवं चर्चित साहित्यकार व ब्लॉगर श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि  महत्त्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर रहते हुए भी ठाकुर प्रसाद सिंह ने कभी कलम के साथ समझौता नहीं किया। प्रशासनिक दायित्वों की व्यस्तता के कारण उनके लेखन का परिमाण अवश्य सीमित रहा तथा रचनाकर्म की निरंतरता भी बाधित हुई लेकिन एक बड़े तथा कालजयी रचनाकार के रूप में सत्य की प्रतिष्ठा के लिए वे सदैव संघर्षरत रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए  वाराणसी मंडल के पूर्व अपर आयुक्त एवं वरिष्ठ साहित्यकार श्री ओम धीरज ने कहा कि एक बहुमुखी सृजन प्रतिभा के रूप में ठाकुर प्रसाद सिंह अपनी पीढ़ी के रचनाकारों में प्रथम पंक्ति में प्रतिष्ठित रहे हैं।  उपन्यास, कहानी, कविता, ललित निबन्ध, संस्मरण तथा अन्यान्य सभी विधाओं में उनका कृतित्व अपनी मौलिकता के कारण उल्लेखनीय है, किन्तु संथाली लोकगीतों की भावभूमि पर आधारित गीतों के संग्रह ‘बंसी और मादल’ के द्वारा वे हिन्दी नवगीत के प्रतिष्पादक रचनाकारों में अग्रगण्य हैं।

समारोह के विशिष्ट अतिथि के रूप में 'नाद रंग' पत्रिका के संपादक श्री आलोक पराड़कर ने कहा कि ठाकुर प्रसाद सिंह ने एक समर्थ पत्रकार - साहित्यकार होने के साथ-साथ नयी प्रतिभाओं के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान किया। वे एक बड़े रचनाकार के साथ ही बड़े इंसान भी थे। उनकी रचनाओं में पीड़ा की सामाजिकता दिखती है लेकिन जीवन में उनकी बातचीत हास्य-व्यंग्य से परिपूर्ण रहती थी। वे चुटीली टिप्पणी करते थे।

विशेषांक के अतिथि संपादक डॉ.उमेश प्रसाद सिंह ने कहा कि ठाकुर प्रसाद सिंह का बड़ा स्पष्ट और स्थिर विश्वास था कि साहित्य के समुचित विकास और उसकी प्रतिष्ठा के लिए साहित्यकार होने के साथ-साथ साहित्यिक का होना आवश्यक है। प्रो.अर्जुन तिवारी ने भी विचार व्यक्त किए।

अतिथियों का स्वागत सी.ए.मनोज कुमार ने तथा सम्मान श्री नरेन्द्र नाथ मिश्र, श्री वासुदेव उबेराय, प्रो. श्रद्धानंद ने किया। इस अवसर पर सर्वश्री सुरेंद्र वाजपेयी, डॉ.संजय गौतम, डॉ.पवन कुमार शास्त्री, सूर्य प्रकाश मिश्र आदि ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। संचालन डॉ.जितेन्द्र नाथ मिश्र ने तथा धन्यवाद ज्ञापन राजनारायण सिंह ने किया। ठाकुर प्रसाद सिंह की पौत्री समीक्षा सिंह ने उनके गीतों का पाठ किया।









पत्रिका : प्रशासनिक दायित्वों के साथ ठाकुर प्रसाद सिंह ने रचनात्मकता को दिये नए आयाम - पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

सत्य की प्रतिष्ठा के लिए निरंतर संघर्षरत रहे कवि ठाकुर प्रसाद सिंह- पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव



सोमवार, 2 दिसंबर 2019

Jawahar Navodaya Vidyalaya Alumni Meet : 25 साल बाद मिले नवोदयी छात्र, सिल्वर जुबली एल्युमिनाई मीट का नवोदय विद्यालय, आज़मगढ़ में हुआ आयोजन

अरे! यही तो मेरी क्लास थी, इसी सीट पर मैं बैठता था। हॉस्टल कितना बदल गया है। हॉस्टल ही नहीं हमारे अध्यापक और हम लोग भी कितना बदल गए हैं , बस नहीं बदला तो वो अपनापन। कुछ ऐसी ही बातें करते नजर आये जवाहर नवोदय विद्यालय, जीयनपुर, आजमगढ़ के पुराने छात्र। मौका था, 1994 में पास आउट विद्यार्थियों के सिल्वर जुबली समारोह का।  इस ग्रैंड एल्युमिनाई मीट में  नवोदय विद्यालय के तमाम पुराने छात्र 25 बरसों बाद एक दूसरे से मिले और हाल जाना। साथ ही अपनी उपलब्धियों  के साथ स्कूली दिनों की खट्टी-मीठी यादें ताजा कीI इस अवसर पर जवाहर नवोदय विद्यालय आजमगढ़ के संस्थापक  प्रिंसिपल श्री दिनेश चंद्र मिश्र मुख्य अतिथि रहे तो 90 के दशक में यहाँ पढ़ा चुके तमाम अध्यापक भी इस यादगार मिलन के साक्षी बने। जवाहर नवोदय विद्यालय से आई.ए.एस. परीक्षा में सफल प्रथम छात्र श्री कृष्ण कुमार यादव भी मौजूद रहे, जो कि वर्तमान में निदेशक डाक सेवाएँ, लखनऊ परिक्षेत्र हैं। इस अवसर पर नवोदय के प्रथम बैच के छात्रों और उनके अध्यापकों को सम्मानित भी किया गया। नवोदय के दिवंगत छात्र स्वर्गीय छोटेलाल यादव की स्मृति में प्रति वर्ष स्कॉलरशिप देने की भी घोषणा की गई। इस वर्ष यह नेहा मौर्या और सत्यम गुप्ता को प्रदान की गई।








मुख्य अतिथि संस्थापक प्रधानाचार्य श्री दिनेश चंद्र मिश्र  ने कहा कि नवोदय अपने नाम के अनुरूप ही समाज में नव उदय को प्रोत्साहित कर रहा है। पूर्व प्रधानाचार्य श्री आई पी सिंह सेंगर ने कहा कि भारत के उज्जवल भविष्य का निर्माण करने में नवोदय विद्यालयों की अहम भूमिका है। नवोदय विद्यालय, हरदोई की प्राचार्या श्रीमती सुमन लता द्विवेदी ने कहा कि नवोदय विद्यालय से निकले विद्यार्थी समाज को ज्यादा अवदान दे रहे हैं। 

जवहर नवोदय विद्यालय से आई.ए.एस में सफल प्रथम छात्र एवं सम्प्रति  निदेशक डाक सेवाएं, लखनऊ परिक्षेत्र श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि देश भर में नवोदय विद्यालय के 15 लाख से अधिक विद्यार्थियों का नेटवर्क समाज को नई दिशा देने के लिए तत्पर है। राजनीति, प्रशासन, सैन्य सेवाओं से लेकर विभिन्न प्रोफेशनल सेवाओं, बिजनेस और सामाजिक सेवाओं में भी नवोदयी अपना अलग मुकाम बना रहे हैं । कार्यक्रम को बीएचयू में असिस्टेंट प्रोफेसर श्री सत्यपाल शर्मा, श्री आशुतोष त्रिपाठी, सुश्री शशिकला यादव, डॉ संतोष शंकर रे ने भी सम्बोधित किया। 

जवाहर नवोदय विद्यालय आजमगढ़ के प्रधानाचार्य श्री एच. एन.पाण्डेय ने कहा कि हमारे लिए यह गर्व का विषय है कि, नवोदय विद्यालय आजमगढ़ से निकले विद्यार्थी आज हर क्षेत्र में नाम कमा रहे हैं। वाइस प्रिंसिपल जया भारती ने आभार व्यक्त किया।












इस अवसर पर मऊ जनपद के जिला विद्यालय निरीक्षक श्री आरपी यादव, श्री आर एन द्विवेदी, श्री नंदलाल प्रजापति, श्री के एस  यादव, श्री जनार्दन सिंह सहित तमाम पुराने अध्यापक मौजूद रहे। इस अवसर पर  सर्वश्री घनश्याम यादव, आलोक त्रिपाठी, धर्मेंद्र यादव, चंद्रिका प्रसाद, शिव प्रसाद बर्नवाल, ज्ञान प्रकाश, प्रताप नारायण सिंह, संदीप राय, अमित सिंह, हरीलाल, डॉ. अतुल गुप्ता, प्रकाश यादव, डॉ. मनीष बर्नवाल, सूर्य प्रकाश यादव, डॉ.अभय यादव, आईएएस मिथिलेश मिश्र, आईपीएस अमित कुमार सिंह, सुश्री माधुरी यादव, सुश्री सीमा सिंह सहित तमाम नवोदयी पूर्व विद्यार्थी उपस्थित रहे।


नव उदय को प्रोत्साहित कर रहा नवोदय 


25 साल बाद मिले नवोदयी छात्र, सिल्वर जुबली  एल्युमिनाई मीट का नवोदय विद्यालय, आज़मगढ़ में हुआ आयोजन

सोमवार, 18 नवंबर 2019

Ahmedabad International Literature Festival : सोशल मीडिया के दौर में भाषाई शुद्धता जरुरी -डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव

गुजरात में आयोजित हुए "अहमदाबाद इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल" (Ahmedabad International Literature Festival) में चर्चित ब्लॉगर व साहित्यकार एवं लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव  बतौर स्पीकर शामिल हुए। इस दौरान डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने 16 नवंबर, 2019 को आयोजित "भाषा के बदलते स्वरुप" (Continuous evolution of languages with time) सत्र को सम्बोधित किया और लोगों से संवाद किया। 
डाक  निदेशक कृष्ण कुमार यादव यादव (Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Lucknow, UP) ने कहा कि भाषा सिर्फ माध्यम भर नहीं है बल्कि किसी भी देश की संस्कृति की संवाहक है। भाषा की सहजता और अन्य भाषाओं से शब्दों को ग्रहण करने की क्षमता इसे और भी मजबूत बनाती है। सोशल मीडिया के दौर में भाषाई शुद्धता का ध्यान रखना भी जरूरी है, अन्यथा आने वाली पीढ़ियाँ इसके मूल स्वरूप से वंचित रह जाएंगी।
बॉलीवुड के चर्चित गीतकार संदीप नाथ ने फिल्मों और गीतों में भाषा के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन फ़ौकिया वाजिद ने किया।
 

गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत (Acharya Devvrat, Governor of Gujarat) ने अहमदाबाद लिटरेचर फेस्टिवल का उद्घाटन करते हुए कहा कि, साहित्य समाज का दर्पण है और आज के दौर में साहित्यकारों की भूमिका और भी बढ़ गई है।
फेस्टिवल के संस्थापक निदेशक उमाशंकर यादव ने बताया कि 16 और 17 नवंबर को आयोजित हुए इस लिटरेचर फेस्टिवल में देश-दुनिया की विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियां शामिल हुईं और सार्थक संवाद के माध्यम से समाज को एक नई दिशा देने की कोशिश की।

सोशल मीडिया के दौर में भाषाई शुद्धता जरुरी -डाक निदेशक कृष्ण  कुमार यादव 


भाषा सिर्फ माध्यम भर नहीं, बल्कि देश की संस्कृति की संवाहक है-डाक निदेशक कृष्ण  कुमार यादव 

अहमदाबाद इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल में शामिल हुए डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव 

"भाषा के बदलते स्वरुप" सत्र को सम्बोधित किया डाक निदेशक केके यादव ने

शुक्रवार, 15 नवंबर 2019

अहमदाबाद इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल में शामिल होंगे डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव

चर्चित ब्लॉगर व साहित्यकार एवं लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव  गुजरात में आयोजित होने वाले अहमदाबाद इंटरनेशनल लिटरेचर में बतौर स्पीकर शामिल होंगे। डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव "भाषा के बदले स्वरुप" सत्र को सम्बोधित करेंगे और लोगों से संवाद करेंगे। श्री यादव के साथ इस सत्र में बॉलीवुड के चर्चित गीतकार व कवि संदीप नाथ एवं फौक़िया वाजिद भी शामिल होंगे। 16 और 17 नवंबर को आयोजित होने वाले इस लिटरेचर फेस्टिवल में देश-दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों को आमंत्रित किया गया है। इस फेस्टिवल का उद्घाटन गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत करेंगे। 
गौरतलब है कि डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने प्रशासन के साथ-साथ साहित्यिक क्षेत्र में भी ख्याति अर्जित की है।  विभिन्न विधाओं में आपकी सात पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।  देश-विदेश में तमाम मंचों से सम्मानित श्री यादव ब्लॉगिंग और सोशल मीडिया के क्षेत्र में भी बेहद सक्रिय हैं।  इसी प्रकार चर्चित गीतकार संदीप नाथ ने पेज थ्री, सरकार, कॉरपोरेट, सांवरिया, सरकार राज, फैशन, जेल, पान सिंह तोमर, साहेब बीवी और गैंग्सटर, बुलेट राजा, आशिकी 2 और सिंघम रिटर्न जैसी कई हिट फिल्मों के लिए गीत लिखे हैं।










अहमदाबाद इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल में शामिल होंगे डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव 
"भाषा के बदले स्वरुप" सत्र को सम्बोधित करेंगे डाक निदेशक केके यादव