समर्थक / Followers

सोमवार, 13 जून 2011

ख़त

बहुत दिनों बाद खतों को लेकर संजीदगी से लिखी कोई कविता पढ़ी. मन में उतर सी गई 'दीपिका रानी' की 'आउटलुक' में छपी यह कविता, सो अब आप से भी शेयर कर रहा हूँ-


एक दिन अचानक एक खत मिला
लिफाफे में थी
थोड़ी खुशबू
कुछ ताजी हवा
और पहली बारिश का सौंधापन

माँ के हाथों की बनी
रोटियों की गर्माहट थी उसमें
पिता की थपकियों सा सुकून
और एक शरारती सा बच्चा
झांक रहा था बार-बार

खत में थे दो हाथ
जो उठे थे दुआओं में
दो आँखें जिनमें दर्द था
जो मेरा था.
मुस्कराहट के पीछे
मेरी आँखों की उदासी को
वो आँखें समझती थीं

खत ने वो असर किया
कि मेरा दर्द
मुस्कराहट में बदल दिया
उसमें थी वो संजीवनी
जो मेरी डूबती सांसों में
जिन्दगी भर गई
और मेरे जीने का सामान कर गई

मैने सोचा, लिखूँ जवाबी खत
वही खुशबू वही गर्माहट
वही सुकून ,वही मुस्कराहट
बंद की लिफाफे में
मगर अब तक वो यहीं पड़ा है
क्या फरिश्तों का कोई पता होता है ?

-दीपिका रानी
(साभार : आउटलुक, मई 2011)

13 टिप्‍पणियां:

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Zakir Ali 'Rajnish') ने कहा…

सचमुच, फरिश्‍तों का कोई पता नहीं होता।

---------
हॉट मॉडल केली ब्रुक...
नदी : एक चिंतन यात्रा।

Sunil Deepak ने कहा…

बहुत सुन्दर कविता है, सहभागा करने के लिए धन्यवाद

वन्दना ने कहा…

वाह्……………कितना खूबसूरत खत है और सच है फरिश्‍तों का कोई पता नहीं होता।

Manpreet Kaur ने कहा…

वह बहुत अच्छी रचना है ! मज्जा आ गया !मेरे ब्लॉग पर अपना सहयोग दे !
Latest Music
Latest Movies

कुश्वंश ने कहा…

बेहद खूबसूरत पंक्तियाँ है कविता में ,शब्द शिखर पर प्रस्तुतुती के लिए के के जी बधाई

Udan Tashtari ने कहा…

दिल को छूती रचना....आभार शेयर करने का.

Vivek Jain ने कहा…

बहुत ही बढ़िया खत, बधाई और शुभकामनाएं |

- विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

Babli ने कहा…

बहुत सुन्दर और शानदार कविता लिखा है आपने! बेहतरीन प्रस्तुती!
मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
http://seawave-babli.blogspot.com/
http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

निवेदिता ने कहा…

प्रभावी .....

Akshita (Pakhi) ने कहा…

यह ख़त तो बहुत खूबसूरत है..मुझे भी पढना है.

Ratnesh Kr. Maurya ने कहा…

खतों की खुशबू फिर से ताज़ा हो गई.

Ratnesh Kr. Maurya ने कहा…

खतों की खुशबू फिर से ताज़ा हो गई.

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बहुत खूबसूरत रचना ,