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सोमवार, 22 फ़रवरी 2016

अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस @ राजस्थानी भाषा

राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग लम्बे समय से चल रही है।  यद्यपि जोधपुर-राजस्थान के अपने 11 महीने के कार्यकाल में राजस्थानी भाषा में प्रकाशित वाली पत्र-पत्रिकाएँ विरले ही देखने को मिलीं, वो भी तब जबकि अधिकतर दैनिक से लेकर मासिक पत्र-पत्रिकाओं तक के पोस्टल रजिस्ट्रेशन की माँग डाक विभाग में आती रहती हैं। अपने इस विचार को हमने स्थानीय बुद्धिजीवियों और साहित्यकारों-पत्रकारों से भी व्यक्त किया। ... खैर, कल 'अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस' था और इस बीच यहाँ से पिछले 35 वर्षों से राजस्थानी भाषा में प्रकाशित हो रही मासिक पत्रिका 'माणक' से रूबरू होने का मौका मिला, जिसके संपादक पदम मेहता ने माणक के 35 वर्षों के सफरनामे को लेकर प्रकाशित अंक हमें भेंट किया। आशा करता हूँ कि आने वाले दिनों में  राजस्थानी भाषा में निकलने वाली अन्य पत्र-पत्रिकाएँ से भी रूबरू होने का सु-अवसर मिलेगा !!




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