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रविवार, 10 अप्रैल 2011

चीयर्स लीडर और मँहगाई

विश्व कप के बाद आई.पी.एल. का जुनून आरंभ हो गया है. एक तरफ मंहगाई और भ्रष्टाचार, दूसरी तरह चीयर्स लीडर के जलवे. हर चौके-छक्के के साथ बढ़ता दबाव और चीयर्स की आवाज़-

चीयर्स लीडर चर्चा में हैं

मँहगाई की तरह

दोनों ही बनते हैं

संसद में चर्चा का विषय

एक का रिश्ता

क्रिकेट के खेल से है

तो दूसरे का

जिन्दगी के खेल से

एक तमाशा भर है

दूसरी जीवन की सच्चाई

एक उछलती है

खुशियों की सौगात लेकर

दूसरी उछलती है

दुखों की बरसात लेकर

एक बड़ों का शगल है

दूसरे से होती मानवता विकल है।
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