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रविवार, 7 जून 2015

अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन में "सृजनात्मक साहित्य में हिंदी ब्लॉग का योगदान" विषय पर परिचर्चा

हिंदी ब्लॉगिंग आज किसी परिचय का मोहताज नहीं रही।  अल्प समय में ही इसने समाज से लेकर राजनीति, साहित्य से लेकर सिनेमा और अन्य सभी विधाओं में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। सिर्फ भारत ही नहीं, दुनिया के तमाम देशों में हिंदी ब्लॉग पर सृजनात्मक साहित्य रचा जा रहा है। स्थापित पत्र-पत्रिकाओं से लेकर न्यूज चैनल्स तक आवश्यकतानुसार हिंदी ब्लॉगों से सामग्री ले रहे हैं।  न्यू मीडिया के रूप में हिंदी ब्लॉग नित नए आयाम गढ़ रहा है। उक्त उद्गार वरिष्ठ हिंदी ब्लॉगर लेखक एवं सम्प्रति  राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर  के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने कोलम्बो (श्री लंका) के कॉनकॉर्ड ग्रैंड होटल में 25 मई, 2015  को हुए अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन में "सृजनात्मक साहित्य में हिंदी ब्लॉग का योगदान" विषय पर आयोजित परिचर्चा में  व्यक्त किये। 

अपने उद्बोधन में श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि ब्लॉग की लोकप्रियता इसी बात से सिद्ध होती है कि हर कोई ब्लॉग पर आना चाहता है | स्थापित साहित्यकार खतरा महसूस कर रहे है तथा ब्लॉगिंग की शक्ति को स्वीकार करके इसे अपना रहे हैं | आज  50 हजार से भी ज्यादा हिंदी ब्लॉग विभिन्न विषयों और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी-अपनी क्षमता के हिसाब से योगदान दे रहे हैं । ब्लॉगिंग के नकरात्मक पहलू पर प्रकाश डालते हुए श्री यादव ने कहा कि वर्तनी का दोष, कट पेस्ट और भड़ास इसके नकारात्मक पक्ष हैं, इस पर समय रहते ध्यान देते हुए हिंदी ब्लॉग की सृजनात्मक शक्ति को और प्रभावी बनाया जा सकता है। 

हिंदी के पहले वेब पोर्टल वेब दुनिया डॉट कॉम के संस्थापक कंटेंट संपादक श्री प्रकाश हिंदुस्तानी ने कहा कि साहित्यकारों और साहित्य के पाठकों के लिए ब्लॉग एक अनमोल तोहफा है। अभिव्यक्ति का बेजोड़ हथियार। यहां अभिव्यक्ति के बाद भरपूर आत्मसंतोष मिलता है। ब्लॉगिंग के माध्यम से बेहतर लेखन भी संभव हो पाया है, क्योंकि लेखक खुद अपने आप को बार-बार सुधार सकता है। इसके साथ ही लेखन के क्षेत्र में नेटवर्किंग भी आसान हो गई है। किसी भी सृजनात्मक ब्लॉगर के लिए अपने पाठकों के सामने वैश्विक सौहाद्र्र को बढ़ाना एक प्रमुख लक्ष्य होता है। इसके साथ ही उसका लक्ष्य होता है साहित्य के लिए नई जमीन तलाशना। हिन्दी में ब्लॉगिंग अंग्रेजी की तुलना में देरी से शुरू हुई। 2003 में हिन्दी का पहला ब्लॉग 9-2-11 सामने आया। 2007 में यूनिकोड के आगमन के बाद हिन्दी की ब्लॉगिंग में तेजी आई। 

ए. बी. पी. न्यूज मुंबई के वरिष्ठ संपादक श्री जीतेन्द्र दीक्षित ने अपने महत्वपूर्ण शोध के माध्यम से विभीन्न आकडें प्रस्तुत करते हुए कहा कि  भारत में 50  हजार से अधिक हिंदी  ब्लॉग हैं | 11  करोड लोग फेसबुक से जुड़े है | इन सबकी सम्मिलित शक्ति को नक्कारना किसी भी सत्ता के लिए असम्भव होगा। यही कारण है कि आज आतंकवादी भी इससे भयभीत हैं और बंगलादेश में अभिजीत राम और वशिकुर्ररहमान जैसे ब्लॉगरों की हत्या करते है, जो कि शर्मनाक कृत्य है। 

परिचर्चा में अपने उद्वोधन के क्रम में उत्तर महाराष्ट्र  विश्वविद्यालय जलगांव के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील कुलकर्णी ने ब्लॉगिंग को एक शक्तिशाली माध्यम बताते हुए कहा कि ब्लॉग अभिव्यक्ति का ताकतवर माध्यम बनकर उभरा है | आज तमाम विश्विद्यालयों में ब्लॉग पर शोध हो रहे हैं, वहीँ शोधकर्ता विभिन्न ब्लॉगों पर प्रकाशित सामग्री को शोध के लिए उपयुक्त पा रहे हैं। 

अपने अध्यक्षीय व्यक्तव्य में कबीर कम्युनिकेशन की क्रिएटिव हेड डॉ. सर्जना शर्मा (दिल्ली) ने कहा कि ब्लॉगिंग से अधिकाधिक लोगों को जोड़ने की जरूरत है और इसके लिए  कार्यशालाओ की आवश्यकता  है, क्योकि इसके अभाव में संस्कारविहीन साहित्य आ रहा है |


परिचर्चा का सञ्चालन लखनऊ के डॉ. रामबहादुर मिश्र ने किया | 

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अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन, श्रीलंका के उद्घाटन सत्र का दीप प्रज्वलन द्वारा शुभारम्भ करते हुए डॉन सोमरथ्न विथाना, वरिष्ठ नाट्यकर्मी, श्रीलंका, श्री कृष्ण कुमार यादव, निदेशक डाक सेवाएँ, राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर, श्री नकुल दूबे, पूर्व नगर विकास मंत्री, उत्तरप्रदेश सरकार, श्री रवीन्द्र प्रभात, संयोजक- अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी ब्लॉगर सम्मेलन, डॉ सुनील कुलकर्णी, हिन्दी विभागाध्यक्ष, उत्तर महाराष्ट्र विश्वविद्यालय जलगांव एवं अन्य। 


अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन, श्रीलंका में वरिष्ठ ब्लॉगर व् साहित्यकार कृष्ण कुमार यादव (निदेशक डाक सेवाएं, राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर) का संबोधन। 




अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन, श्रीलंका में मानद अतिथि के रूप में वरिष्ठ ब्लॉगर व् साहित्यकार श्री कृष्ण कुमार यादव (निदेशक डाक सेवाएं, राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर) का स्वागत व अभिनंदन करते श्री रवीन्द्र प्रभात, संयोजक- अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी ब्लॉगर सम्मेलन एवं सुश्री सर्जना शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट व श्री राम बहादुर मिश्र, साहित्यकार व संपादक। 




अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन, श्रीलंका के उद्घाटन सत्र के अध्यक्ष डॉन सोमरथ्न विथाना, वरिष्ठ नाट्यकर्मी, श्रीलंका को सम्मानित करते श्री कृष्ण कुमार यादव, निदेशक डाक सेवाएँ, राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर एवं श्री नकुल दूबे, पूर्व नगर विकास मंत्री, उत्तरप्रदेश सरकार।




अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन, श्रीलंका के उद्घाटन सत्र के अध्यक्ष डॉन सोमरथ्न विथाना, वरिष्ठ नाट्यकर्मी, श्रीलंका,श्री कृष्ण कुमार यादव, निदेशक डाक सेवाएँ, राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर एवं श्री नकुल दूबे, पूर्व नगर विकास मंत्री, उत्तरप्रदेश सरकार।



"सृजनात्मक साहित्य में हिंदी ब्लॉग का योगदान" विषय पर आयोजित परिचर्चा में मंचासीन  श्री प्रकाश हिंदुस्तानी, वरिष्ठ ब्लॉगर व् साहित्यकार श्री कृष्ण कुमार यादव (निदेशक डाक सेवाएं, राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर), श्री जीतेन्द्र दीक्षित, डॉन सोमरथ्न विथाना, सुश्री सर्जना शर्मा, डॉ. सुनील कुलकर्णी। 

"सृजनात्मक साहित्य में हिंदी ब्लॉग का योगदान" विषय पर आयोजित परिचर्चा में विचार व्यक्त करते वरिष्ठ ब्लॉगर व् साहित्यकार श्री कृष्ण कुमार यादव (निदेशक डाक सेवाएं, राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर) 


गुरुवार, 22 जनवरी 2015

फिर से चर्चा में है हिंदी ब्लॉगिंग


हिंदी ब्लॉगिंग आज न्यू मीडिया के एक सशक्त माध्यम के रूप में कार्यरत है। देश ही नहीं विदेशों में भी हिंदी ब्लॉगिंग के मुरीदों की कमी नहीं है।  इसी क्रम में 15 से 18 जनवरी 2015 तक भूटान की राजधानी थिम्पू और सांस्कृतिक राजधानी पारो में  चतुर्थ ‘‘अंतरराष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन‘‘ का आयोजन किया गया। सम्मेलन के दौरान वैश्विक परिप्रेक्ष्य विशेषकर सार्क देशों में हिन्दी के पठन-पाठ्न, हिन्दी साहित्य के प्रचार-प्रसार, न्यू मीडिया के रूप में ब्लॉगिंग के विभिन्न आयामों एवं बदलते दौर में सोशल मीडिया की भूमिका इत्यादि विषयों पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भूटान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के महासचिव श्री फूब शृंग ने कहा कि भूमण्डलीकरण के इस दौर में विभिन्न देशों के साहित्य, संस्कृति एवं परिवेश को ब्लागिंग और सोशल मीडिया के माध्यम से न सिर्फ महसूस किया जा सकता है बल्कि उसे विस्तार भी दिया जा सकता है। उन्होंने  भारत के प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं राष्ट्रपति की हालिया भूटान यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि भूटान में अंतर्राष्ट्रीय  ब्लागर सम्मेलन को भी उसी कड़ी  में देखने की जरूरत है। सार्क समिति के महिला विंग  की अध्यक्ष श्रीमती थिनले ल्हाम ने कहा कि नारी सशक्तीकरण पर आज विश्व भर में चर्चा हो रही है और ऐसे में सार्क देशों में ब्लागिंग से जुडी तमाम महिलाओं को देखना एक सुखद एहसास देता है। 

इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ और ब्लॉगर श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि ब्लॉगिंग  न सिर्फ देशों और भाषाओं के बीच दूरियाॅं कम करती है बल्कि यह विभिन्न प्लेटफार्म पर काम कर रहे लोगों के विचारों को एकाकार रूप में देखने की सहूलियत भी देती है । ब्लागिंग व सोशल मीडिया के समाजिक सरोकारों पर चर्चा करते हुए इसे उन्होंने  दूर दराज के इलाकों तक भी जोडने की बात कही। असम विश्वविद्यालय सिल्चर के भाषा विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर नित्यानन्द पाण्डेय  ने कहा कि हिन्दी को समृद्ध करने में ब्लागिंग का महत्वपूर्ण योगदान है और इसके माध्यम से दुनिया भर के लोग हिन्दी से जुड रहे हैं। वरिष्ठ व्यंग्यकार गिरीश पंकज ने अपने उद्बोधन में हिंदी ब्लॉगिंग के विभिन्न पहलुओं की चर्चा करते हुए इसे पुस्तकाकार रूप में भी लिपिबद्ध करने की बात कही। 

सम्मेलन के संयोजक श्री रवीन्द्र प्रभात ने कहा कि भूटान में अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉग सम्मलेन आयोजित करने के पीछे उद्देश्य हिंदी संस्कृति को भूटानी संस्कृति के करीब लाना और हिंदी भाषा को यहाँ के वैश्विक वातावरण में प्रतिष्ठापित करना है। उन्होंने बताया कि सम्मेलन का मूल उद्देश्य दक्षिण एशिया में ब्लॉग के विकास हेतु पृष्ठभूमि तैयार करना, हिंदी-संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना, भाषायी सौहार्द्रता एवं सांस्कृतिक अध्ययन-पर्यटन का अवसर उपलब्ध कराना है। 

‘‘अंतरराष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन‘‘ के दौरान  उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद से ब्लॉगर और साहित्यकार एवं निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव, हैदराबाद की सम्पत देवी मुरारका और रायपुर छतीसगढ़ के ललित शर्मा को  सर्वोच्च 'परिकल्पना सार्क शिखर सम्मान' से नवाजा गया। इस सम्मान के अंतर्गत उन्हें 25,000 की धनराशि, स्मृति चिन्ह, सम्मान-पत्र और अंगवस्त्र प्रदान किए गए। साथ ही महाराष्ट्र के औरंगाबाद की अनुवादक सुनीता प्रेम यादव को परिकल्पना सार्क सम्मान प्रदान किया गया। इस सम्मान के अंतर्गत उन्हें पाँच  हजार की धनराशि, स्मृति चिन्ह, सम्मान-पत्र और अंगवस्त्र प्रदान किए गए। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के जनपदों मसलन सुल्तानपुर के डॉ राम बहादुर मिश्र को परिकल्पना साहित्य भूषण सम्मान, बाराबंकी के  एडवोकेट रणधीर सिंह सुमन व डॉ विनय दास को क्रमशः परिकल्पना सोशल मीडिया सम्मान और परिकल्पना कथा सम्मान, लखनऊ की कुसुम वर्मा को परिकल्पना लोक-संस्कृति सम्मान, बहराइच के डॉ अशोक गुलशन को परिकल्पना हिन्दी गौरव सम्मान, रायबरेली से सूर्य प्रसाद शर्मा को परिकल्पना साहित्य सम्मान तथा हैदरगढ के ओम प्रकाश जयंत व विष्णु कुमार शर्मा को क्रमशः को परिकल्पना साहित्य श्री सम्मान व परिकल्पना सृजन श्री सम्मान तथा उन्नाव के विश्वंभरनाथ अवस्थी को परिकल्पना नागरिक सम्मान प्रदान किए गए। इसके अलावा इंदौर के प्रकाश हिन्दुस्तानी, रायपुर के गिरीश पंकज, अल्पना देशपांडे, अदिति देशपांडे, दिल्ली की सर्जना शर्मा और निशा सिंह, मुंबई से आलोक भारद्वाज, सिल्चर की डॉ शुभदा पाण्डेय आदि के साथ-साथ  देश-विदेश के लगभग तीस ब्लॉगर्स को विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए परिकल्पना सम्मान से नवाजा गया। 

इस अवसर पर पांच पुस्तकों क्रमशः संपत देवी मुरारका की यात्रा वृत्त तृतीय भाग, कुसुम वर्मा की ह्रदय कँवल, सूर्य प्रसाद शर्मा निशिहर की संघर्षों का खेल, विष्णु कुमार शर्मा की दोहावली, अशोक गुलशन की क्या कहूँ किससे कहूँ और परिकल्पना समय पत्रिका के जनवरी अंक के विमोचन के साथ-साथ परिकल्पना कोश  वेबसाईट का लोकार्पण हुआ, वहीं रायपुर छत्तीसगढ़ की अल्पना देशपांडे और अदिति देशपांडे की कलाकृतियों की प्रदर्शनी का लोकार्पण संपन्न हुआ।  इस अवसर पर कुसुम वर्मा के अवधी लोकगीतों की खुशबू में नहाई भूटान की एक शाम। डॉ राम बहादुर मिश्र के कुशल संचालन में सुर सरस्वती और संस्कृति की त्रिवेणी प्रवाहित करती काव्य संध्या और ब्लॉग पर हाशिए का समाज परिचर्चा में शामिल हुए भारत और भूटान के एक दर्जन से ज्यादा ब्लोगर्स। कार्यक्रम का  संचालन महाराष्ट्र के औरंगाबाद निवासी श्रीमती सुनीता प्रेम यादव ने किया।















(अंतरराष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन, भूटान  के दौरान  उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद से ब्लॉगर और साहित्यकार एवं निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव को  सर्वोच्च 'परिकल्पना सार्क शिखर सम्मान' प्राप्त होने पर  21 जनवरी, 2015 को विभिन्न हिंदी-अंग्रेजी अख़बारों में प्रकाशित समाचार)






मंगलवार, 20 जनवरी 2015

अन्तर्राष्ट्रीय ब्लाॅगर सम्मेलन, भूटान में कृष्ण कुमार यादव “परिकल्पना सार्क शिखर सम्मान’’ से सम्मानित

हिंदी साहित्य और ब्लाॅग पर संस्मरणात्मक सृजन के लिए चर्चित ब्लाॅगर व साहित्यकार एवं सम्प्रति इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव को 15-18 जनवरी 2015 के दौरान भूटान की राजधानी थिम्पू में आयोजित चतुर्थ अन्तर्राष्ट्रीय ब्लाॅगर सम्मेलन में ब्लाॅगिंग हेतु सर्वोच्च “परिकल्पना सार्क शिखर सम्मान’’ से सम्मानित किया गया। श्री यादव को उक्त सम्मान भूटान चेंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के जनरल सेक्रेटरी श्री फूप श्रृंग एवं इंटरनेशनल स्कूल ऑफ भूटान तथा सार्क समिति ऑफ विमेन ऑर्गनाइजेशन  की अध्यक्ष श्रीमती थिनले लम्हा द्वारा दिया गया। सम्मान के तहत 25,000 रूपये की धनराशि, सम्मान पत्र, प्रतीक चिन्ह, श्रीफल और अंगवस्त्रम  देकर श्री कृष्ण कुमार यादव को सम्मानित किया गया। उक्त जानकारी सम्मलेन के संयोजक श्री रवीन्द्र प्रभात ने दी। 


    
राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी साहित्यिक रचनाधर्मिता के साथ-साथ 7 पुस्तकों के लेखक एवं हिन्दी ब्लाॅगिंग व सोशल मीडिया को नये आयाम देनेवाले श्री कृष्ण कुमार यादव को इससे पूर्व भी शताधिक प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। श्री यादव ने वर्ष 2008 में ब्लाॅग जगत में कदम रखा और विभिन्न विषयों पर आधारित दसियों ब्लाॅग का संचालन-सम्पादन करके कई लोगों को ब्लाॅगिंग की तरफ प्रवृत्त किया। कृष्ण कुमार यादव के दो व्यक्तिगत ब्लॉग हैं। इनमें “शब्द सृजन की ओर“ (http://kkyadav.blogspot.com) ब्लॉग सामयिक विषयों, मर्मस्पर्शी कविताओं व जानकारीपरक, शोधपूर्ण आलेखों से परिपूर्ण है; वहीं “डाकिया डाक लाया“ (http://dakbabu.blogspot.com) डाक सेवाओं की रोचक दुनिया को सहेजता है। इन ब्लॉग  को अब तक लाखों लोगों ने पढ़ा है और करीब सौ ज्यादा देशों में इन्हें देखा-पढ़ा जाता है।

     गौरतलब है कि श्री कृष्ण कुमार यादव यादव सिर्फ व्यक्तिशः नहीं बल्कि सपरिवार ब्लाॅगिंग के क्षेत्र में सशक्त दखल रखते हैं। उनकी सुपुत्री अक्षिता (पाखी) को जहाँ भारत सरकार द्वारा ब्लाॅगिंग के लिए राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है, वहीं पत्नी आकांक्षा यादव भी अग्रणी महिला ब्लॉगर हैं। यादव दम्पति को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा “अवध सम्मान“, हिंदी ब्लॉगिंग के दशक वर्ष में सपत्नीक “दशक के श्रेष्ठ ब्लॉगर दम्पति“ का सम्मान एवं नेपाल में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय ब्लाॅगर सम्मेलन में भी सम्मानित किया जा चुका है।  

       भूटान में सम्मेलन के दौरान श्री कृष्ण कुमार यादव ने वैश्विक परिप्रेक्ष्य विशेषकर सार्क देशों में  हिन्दी के प्रचार-प्रसार, न्यू मीडिया के रूप में ब्लाॅगिंग के विभिन्न आयामों एवं बदलते दौर में सोशल मीडिया की भूमिका पर व्याख्यान भी दिया। 

इस दौरान भूटान चैंबर ऑफ कामर्स के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी श्री चंद्र क्षेत्री, केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा के पूर्व निदेशक एवं सम्प्रति असम विश्वविद्यालय, सिलचर के भाषा विज्ञानं विभाग के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर नित्यानंद पाण्डेय, चर्चित ब्लॉगर और साहित्यकार एवं सम्प्रति इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव, छत्तीसगढ़ से वरिष्ठ व्यंग्यकार श्री गिरीश पंकज और अन्तर्राष्ट्रीय ब्लाॅगर सम्मेलन के आयोजक श्री रवीन्द्र प्रभात मंचासीन रहे। 

सम्मेलन में संपत देवी मुरारका की यात्रा वृत्त तृतीय भाग, कुसुम वर्मा की ह्रदय कँवल, सूर्य प्रसाद शर्मा निशिहर की दोहावली, अशोक गुलशन की क्या कहूँ किससे कहूँ सहित पाँच पुस्तकों और 'परिकल्पना समय' पत्रिका के जनवरी अंक का विमोचन के अलावा विभिन्न देशों के लगभग तीस ब्लॉगर्स को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में लखनऊ की कुसुम वर्मा के अवधी लोकगीतों ने अंतर्राष्ट्रीय ब्लोगर सम्मलेन को जीवंतता के साथ साथ भूटान की  शाम को खुशनुमा बना दिया।  कार्यक्रम का संचालन औरंगाबाद की ब्लॉगर श्रीमती सुनीता प्रेमी यादव द्वारा किया गया। 

प्रस्तुति :
रत्नेश कुमार मौर्या
संयोजक - ’शब्द साहित्य’, इलाहाबाद-211003

मंगलवार, 2 दिसंबर 2014

कृष्ण के मुकुट में एक और नगीना : भूटान में मिलेगा परिकल्पना सार्क शिखर सम्मान

हिंदी साहित्य और ब्लाॅग पर संस्मरणात्मक सृजन के लिए चर्चित ब्लाॅगर व साहित्यकार एवं सम्प्रति इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव को 15-18 जनवरी 2015 के दौरान भूटान में आयोजित होने वाले चतुर्थ अन्तर्राष्ट्रीय ब्लाॅगर सम्मेलन में  “परिकल्पना सार्क शिखर सम्मान’’ से सम्मानित किया जाएगा। इस सम्मान में 25,000 रूपये की धनराशि, सम्मान पत्र, प्रतीक चिन्ह, श्रीफल और अंगवस्त्र दिया जायेगा। उक्त जानकारी सम्मलेन के संयोजक श्री रवीन्द्र प्रभात ने दी। 

कृष्ण कुमार यादव ने वर्ष 2008 में ब्लाॅग जगत में कदम रखा और विभिन्न विषयों पर आधारित दसियों ब्लाॅग का संचालन-सम्पादन करके कई लोगों को ब्लाॅगिंग की तरफ प्रवृत्त किया और अपनी साहित्यिक रचनाधर्मिता के साथ-साथ ब्लाॅगिंग को भी नये आयाम दिये। कृष्ण कुमार यादव के दो व्यक्तिगत ब्लॉग हैं । इनमें “शब्द सृजन की ओर“ (http://kkyadav.blogspot.in/) ब्लॉग सामयिक विषयों, मर्मस्पर्शी कविताओं व जानकारीपरक, शोधपूर्ण आलेखों से परिपूर्ण है; वहीं “डाकिया डाक लाया“ (http://dakbabu.blogspot.in/) में डाक सेवाओं का इतिहास है, डाक सेवाओं से जुड़ी महान विभूतियों के बारे में जानकारी है, खतों की खुशबू है, डाक टिकटों की रोचक दुनिया सहित तमाम आयामों को यह ब्लाॅग सहेजता है। इन ब्लाॅंग को अब तक लाखों लोगों ने पढा है और करीब सौ ज्यादा देशों में इन्हें देखा-पढा जाता है।

गौरतलब है कि श्री यादव को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इससे पूर्व भी न्यू  मीडिया और ब्लॉगिंग हेतु  तमाम प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा “अवध सम्मान“, हिंदी ब्लॉगिंग के दशक वर्ष में सपत्नीक “दशक के श्रेष्ठ ब्लॉगर दम्पति“ का सम्मान, नेपाल में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय ब्लाॅगर सम्मेलन में “परिकल्पना साहित्य सम्मान“ इत्यादि शामिल हैं ।  

सम्मेलन के दौरान वैश्विक परिप्रेक्ष्य विशेषकर सार्क देशों में  हिन्दी के प्रचार-प्रसार, न्यू मीडिया के रूप में ब्लाॅगिंग के विभिन्न आयामों एवं बदलते दौर में सोशल मीडिया की भूमिका इत्यादि विषयों पर भी चर्चा होगी। गौरतलब है कि अभी कुछ दिनों पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने अपनी भूटान यात्रा के दौरान भारत-भूटान के मध्य ऐतिहासिक व सांस्कृतिक संबंधों की चर्चा करते हुए परस्पर सद्भाव व सहयोग की बात कही थी। भूटान में आयोजित यह अन्तर्राष्ट्रीय ब्लाॅगर सम्मेलन भी निश्चिततः उसी कड़ी को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा।
(साभार)











रविवार, 30 नवंबर 2014

ब्लॉग और ब्लॉगर चर्चा में


कृष्ण के मुकुट में एक और नगीना : भूटान में मिलेगा परिकल्पना सार्क शिखर सम्मान 


भूटान में सम्मानित होंगे कृष्ण कुमार यादव 
(हिंदुस्तान, 29 नवंबर 2014)


कृष्ण के मुकुट में एक और नगीना : भूटान में मिलेगा परिकल्पना सार्क शिखर सम्मान 
(डेली न्यूज एक्टिविस्ट, 29 नवंबर 2014)


कृष्ण कुमार यादव को मिलेगा परिकल्पना सार्क शिखर सम्मान 
(आई नेक्स्ट, 29 नवंबर 2014)

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव को मिलेगा परिकल्पना सार्क शिखर सम्मान 
(स्वतंत्र चेतना, 29 नवंबर 2014)

भूटान में आयोजित होने वाले चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन में सम्मानित किये जायेंगे  कृष्ण कुमार यादव
 (श्री टाइम्स, 29 नवंबर 2014)

निदेशक कृष्ण कुमार यादव को  परिकल्पना सार्क शिखर सम्मान : भूटान में  अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन में होंगे सम्मानित
(पायनियर, 29 नवंबर 2014)


Director Postal Services Krishna Kumar Yadav to get SAARC Summit Award
(Hindustan Times, 29 November 2014)


Blogger Krishna Kumar Yadav to be awarded during International Bloggers meet in Bhutan
(Times of India, 29 November 2014)