शब्द-सृजन की ओर

इस ब्लॉग पर आप रूबरू होंगे कृष्ण कुमार यादव की साहित्यिक रचनात्मकता और अन्य तमाम गतिविधियों से...

शनिवार, 27 जून 2009

अनूभूतियाँ और विमर्श: विविध सरोकारों के रंगचित्र

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हिन्दी साहित्य के विद्वानों ने निबन्ध विधा को गद्य का सर्वोकृष्ट स्वरूप माना है। आचार्य पं0 रामचन्द्र शुक्ल के शब्दों में-’’यदि गद्य कवियों...
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शुक्रवार, 26 जून 2009

'राष्ट्रीय सहारा' में 'महफिले शेरो सुखन' के अंतर्गत कृष्ण कुमार यादव की चर्चा

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26 जून, 2009 के राष्ट्रीय सहारा अख़बार में लोकप्रिय स्तम्भ 'महफिले शेरो सुखन' के अर्न्तगत मेरी कविताओं पर संपादक नवोदित जी ने चर्चा ...
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व्यक्ति, समाज, साहित्य और राजनीति के अन्तर्सम्बंधों की पड़ताल करता निबंध संग्रह

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‘‘अभिव्यक्तियों के बहाने‘‘ कृष्ण कुमार यादव का प्रथम निबंध संग्रह है। भारतीय डाक सेवा के अधिकारी रूप में पदस्थ श्री यादव अपनी व्यस्तताओं के...
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बुधवार, 24 जून 2009

अभिलाषा: जागरूक संवेदना की कविताएं

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मनुष्य को अपने व्यक्तिगत सम्बन्धों के साथ ही जीवन के विविध क्षेत्रों से प्राप्त हो रही अनुभूतियों का आत्मीकरण तथा उनका उपयुक्त शब्दों में भ...
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मंगलवार, 23 जून 2009

अमर उजाला में 'शब्द सृजन की ओर' ब्लॉग की चर्चा

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''शब्द सृजन की ओर'' पर 19 जून 2009 को प्रस्तुत पोस्ट "समोसा हुआ 1000 साल का" को प्रतिष्ठित हिन्दी दैनिक पत्र ...
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सोमवार, 22 जून 2009

भारतीय साहित्य में कानपुर के योगदान पर गोष्ठी

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कानपुर सिर्फ एक नगर का नाम नहीं है, बल्कि सभ्यता-संस्कृति-साहित्य की लम्बी परम्परा का नाम है। इसी परम्परा को आगे बढ़ाते हुए होरी एवं यूएसएम...
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शुक्रवार, 19 जून 2009

समोसा हुआ 1000 साल का !!

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समोसा भला किसे नहीं प्रिय होगा। समोसे का नाम आते ही दिल खुश हो जाता है और मुँह में पानी आ जाता है। विदेशियों के समक्ष भी भारतीय स्नैक्स की...
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शुक्रवार, 5 जून 2009

आपके पर्यावरण को आपकी जरूरत है

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धरती पर पर्यावरण को समृद्ध बनाने, पर्यावरण संरक्षण एवं पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को मानवीय रूप प्रदान करने हेतु हर वर्ष 5 जून को ‘‘विश्व पर...
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गुरुवार, 4 जून 2009

ई-पार्क

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बचपन में पढ़ते थे ई फॉर एलीफैण्ट अभी भी ई अक्षर देख भारी-भरकम हाथी का शरीर सामने घूम जाता है पर अब तो ई हर सवाल का जवाब बन गया है ई-मेल, ई-श...
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बुधवार, 27 मई 2009

नेहरु चाचा आओ ना (पुण्य-तिथि पर)

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नेहरु चाचा आओ ना दुनिया को समझाओ ना बच्चे कितने प्यारे होते कोई उन्हे सताये ना नेहरु चाचा आओ ना मधु मुस्कान दिखाओ ना तुम गुलाब की खुशबू हो ब...
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शनिवार, 23 मई 2009

अमेरिका से आरम्भ होकर आज विश्वभर में गूंजेगा मानस पाठ

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भारत प्राचीन काल से ही ‘वसुधैव कुटुंबकम‘ का परिपालक रहा है। भारत की पवित्र भूमि पर मानवीय अवतार लेकर तमाम देवी-देवताओं ने भी यहीं से इसकी अल...
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मंगलवार, 12 मई 2009

भारतीय बाल कल्याण संस्थान द्वारा द्वारा कृष्ण कुमार यादव को 'श्री प्यारे मोहन स्मृति सम्मान'

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भारतीय बाल कल्याण संस्थान द्वारा युवा साहित्यकार एवं भारतीय डाक सेवा के अधिकारी श्री कृष्ण कुमार यादव को बाल साहित्य में उनके उत्कृष्ट योगद...
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रविवार, 10 मई 2009

'मानस संगम' और 'उत्कर्ष अकादमी' द्वारा कृष्ण कुमार यादव का 'क्रांति-दिवस' पर सम्मान

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क्रांति-दिवस 9 मई, के अवसर पर कृष्ण कुमार यादव का प्रतिष्ठित संस्था "मानस संगम" और "उत्कर्ष अकादमी" द्वारा सम्मान किया ...
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"बढ़ते चरण शिखर की ओर : कृष्ण कुमार यादव" का विमोचन

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लेखन क्षेत्र में दिनों-ब-दिन चुनौतियाँ बढ़ती जा रही हैं और इन चुनौतियों के बीच ही लेखक का व्यक्तित्व उभर कर सामने आता है। प्रशासनिक पद पर रहक...
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सोमवार, 6 अप्रैल 2009

रिश्तों का अर्थशास्त्र

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रिश्तों के बदलते मायने अब वे अहसास नहीं रहे बन गये अहम् की पोटली ठीक अर्थशास्त्र के नियमों की तरह त्याग की बजाय माँग पर आधारित हानि और लाभ प...
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बुधवार, 25 मार्च 2009

गणेश शंकर ‘विद्यार्थी’ का अद्भुत ‘प्रताप’ (पुण्य तिथि-२५ मार्च पर)

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साहित्य की सदैव से समाज में प्रमुख भूमिका रही है। स्वाधीनता आन्दोलन के दौरान पत्र-पत्रिकाओं में विद्यमान क्रान्ति की ज्वाला क्रान्तिकारियों...
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शनिवार, 21 मार्च 2009

कानपुर से अटूट सम्बन्ध रहा बिस्मिल्लाह खाँ का (जन्मतिथि 21 मार्च पर विशेष)

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शहनाई वादन को विवाह-मंडप, मंदिर और मंगल मौकों से इतर शास्त्रीय संगीत के रूप में अन्तर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ (...
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मंगलवार, 10 मार्च 2009

भारतीय संस्कृति में होली के विभिन्न रंग

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भारतीय संस्कृति में उत्सवों और त्यौहारों का आदि काल से ही महत्व रहा है। हर संस्कार को एक उत्सव का रूप देकर उसकी सामाजिक स्वीकार्यता को स्थ...
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शनिवार, 7 मार्च 2009

21वीं सदी में स्त्री समाज के बदलते सरोकार (अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर)

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भारत में नारी को पूजनीय माना गया है। वैदिक काल से ही नारी विभिन्न रूपों में सम्मानजनक स्थिति प्राप्त करती आ रही है। नारी की सुकोमलता, सौंद...
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