शब्द-सृजन की ओर

इस ब्लॉग पर आप रूबरू होंगे कृष्ण कुमार यादव की साहित्यिक रचनात्मकता और अन्य तमाम गतिविधियों से...

मंगलवार, 29 सितंबर 2015

डिजिटल क्रान्ति के दौर में इन्टरनेट की दुनिया में तेजी से पाँव पसार रही है हिन्दी

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डिजिटल क्रान्ति के इस युग में  इन्टरनेट की दुनिया में भी हिन्दी तेजी से पाँव पसार रही है। आज की युवा पीढ़ी सोशल मीडिया और ब्लाॅगिंग के...
गुरुवार, 24 सितंबर 2015

जीवन मूल्यों का प्रतिबिम्ब होती है कविता - कृष्ण कुमार यादव

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कविता हमारे जीवन मूल्यों का प्रतिबिम्ब है। कविता आत्मा का मौलिक व विशिष्ट संगीत है, जो मानव में संस्कार रोपती हैै।  एक ऐसा संस्कार जो सभ...
मंगलवार, 22 सितंबर 2015

बचपन की कुछ यादें...

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चलिए आज बचपन की कुछ यादें ताजा कर लेते हैं। शायद इसी बहाने फिर से वो बचपन लौट आये। याद है, बचपन में 1 रु. की पतंग के पीछे 2 किलोमीटर त...
रविवार, 13 सितंबर 2015

हिन्दी से सम्बन्धित प्रथम

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हिन्दी का माह आ गया है।  अपने देश भारत में सितंबर माह आते ही हिंदी का गुणगान दुगुने उत्साह से आरम्भ हो जाता है। हिंदी दिवस से लेकर हिं...
शुक्रवार, 11 सितंबर 2015

डिजिटल वर्ल्ड से हिंदी में आएगा बदलाव

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दुनिया के विभिन्न देशों में हिंदी के प्रति लोगों का झुकाव बढ़ रहा है, इसलिए जरूरी है कि हिंदी को और समृद्ध व सशक्त बनाने की दिशा में प्र...
मंगलवार, 8 सितंबर 2015

हिन्दी भाषी लोगों के लिए हिन्दी में आएगी सोशल नेटवर्किंग साइट 'मूषक'

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गणेश जी का वाहन मूषक जगप्रसिद्ध है।  गणेश जी को देश-दुनिया में दौड़ने के लिए मूषक जी का ही सहारा है। ऐसे में मूषक जी का महत्व समझा जा सकत...
शनिवार, 5 सितंबर 2015

श्रीकृष्ण की सार्थकता हर युग में बनी रहेगी - कृष्ण कुमार यादव

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श्रीकृष्ण सिर्फ एक भगवान या अवतार भर नहीं थे।  इन सबसे आगे वह एक ऐसे पथ-प्रदर्शक और मार्गदर्शक थे, जिनकी सार्थकता  हर युग में बनी रहेगी...
बुधवार, 19 अगस्त 2015

बिसरा दिया हमने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का डिजाइन बनाने वाले पिंगलि वेंकय्या को

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तिरंगे के प्रति सम्मान स्वाभाविक है, आखिर यह हमारे देश का राष्ट्रीय ध्वज है।  हर कोई इसकी आन-बान पर न्यौछावर होने का जज्बा रखता है।  प...
सोमवार, 17 अगस्त 2015

कश्मीर की हिंदी पत्रिका - वितस्ता

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देश-विदेश की 250 से अधिक छोटी-बड़ी पत्र-पत्रिकाओं में विभिन्न विधाओं में हमारी रचनाएँ प्रकाशित हो चुकी हैं। कभी सोचता था कि कश्मीर से ल...
2 टिप्‍पणियां:
शनिवार, 15 अगस्त 2015

आजादी के जश्न की बधाइयाँ

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शताब्दियों की दासता के बाद जब भारत में स्वतंत्रता का मंगल प्रभात हुआ था तो सबकी आँखों में एक नई रोशनी टिमटिमाई थी।  नए सपने, नई सोच, नए जज...
रविवार, 2 अगस्त 2015

त्यौहारों से भरपूर अगस्त माह

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  हर माह की अपनी महत्ता है। अगस्त माह तो त्यौहारों से भरपूर है। प्रथम दिन से ही श्रावण माह के शुभारम्भ के साथ कजरी के बीच झूलों पर पड़ती ...
शुक्रवार, 31 जुलाई 2015

भूमंडलीकरण के दौर में भी प्रेमचन्द के साहित्यिक और सामाजिक विमर्श, उतने ही प्रासंगिक

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प्रेमचन्द के साहित्यिक और सामाजिक विमर्श आज भूमंडलीकरण के दौर में भी उतने ही प्रासंगिक हैं और उनकी रचनाओं के पात्र आज भी समाज में कहीं न...
बुधवार, 29 जुलाई 2015

सबके प्यारे अब्दुल कलाम चले गए...

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आधुनिक भारत के भगवान चले गए। इस देश के असली स्वाभिमान चले गए।। धर्म को अकेला छोड़ विज्ञान चले गए। एक साथ गीता और कुरान चले गए।। मान...
रविवार, 21 जून 2015

पापा ही प्रेरक-शक्ति हैं ...

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पिता जी के बिना यह जीवन अधूरा है।  जीवन के हर क्षण में वे हमारे साथ खड़े रहे। आज अगर मैं सिविल सेवाओं में हूँ तो पापा ही उसके पीछे प्र...
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