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शनिवार, 12 दिसंबर 2009

द. कोरिया में डाक सेवाएँ

कोरिया में 19 नवम्बर, 2009 को KEOTI से हम लोग राजधानी सियोल पहुंचे. वाकई यह एक भव्य, खूबसूरत और समृद्ध शहर है. यहाँ स्थित सियोल सेंट्रल पोस्ट ऑफिस को देखा तो दंग रह गया. पोस्ट टॉवर नाम से मशहूर इस पोस्ट ऑफिस में 7 बेसमेंट लेवल और 21 फ्लोर हैं. सभी सुविधाएँ पोस्ट टॉवर के अन्दर मौजूद हैं. 1884 में बना ये पोस्ट ऑफिस वर्तमान रूप में वर्ष 2007 में आया. डाकघरों का मॉडर्न लुक देखने का यह एक उम्दा नमूना था. अपने भारत में प्रोजेक्ट एरो के तहत डाकघरों में आमूल-चूल परिवर्तन और उनकी ब्रांडिंग की जा रही है, पर कोरिया इस मामले में हमसे काफी विकसित है. कोरिया-पोस्ट का ध्यान लाजिस्टिक्स और बड़े पार्सल पर है. इसी के चलते वहाँ ई-कामर्स भी डाकघरों में भली-भांति चल रहा है. बीमा के क्षेत्र में वे अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, दुर्भाग्य से भारत में डाक जीवन बीमा अभी भी सरकारी-अर्धसरकारी लोगों तक सीमित है. बचत बैंक में भी उनका प्रदर्शन अच्छा है. युवाओं को आकर्षित करने के लिए मुफ्त इन्टरनेट सेवा देना कोरिया पोस्ट की अपनी विशेषता है. कोरिया में अभी डाक सेवाएँ सरकार के नियंत्रण में हैं और 300 ग्राम तक की डाक पर डाक विभाग का एकाधिकार है. भारत में भी यह एकाधिकार है, पर इस पर कोई इन्फोर्समेंट न होने के कारण कूरियर तेजी से पांव फैला रही हैं. डाक का निस्तारण ऑटोमेशन तकनीक द्वारा किया जा रहा है. यहाँ तक की कोरिया पोस्ट का अपना काल-सेंटर भी है, जहाँ 24 घंटे सेवाएँ उपलब्ध है. शिकायतों के निस्तारण का यह बढ़िया तरीका है. कुछ भी हो बदलते दौर की तकनीकों और आवश्यकताओं को समझने का यह सुनहरा मौका था, ताकि उसे भारतीय परिवेश में भी लागू किया जा सके.
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